ओम का नियम क्या है | Ohms Law in Hindi

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Ohms Law – ओम का नियम की सर्वप्रथम खोज जर्मनी भौतिकविद जार्ज साईमन ओम ने किया था, जिस कारण उनके नाम पर इस नियम का नाम ओम का नियम, Ohms Law, Ohm’s Law पड़ा. तो चलिए इस पोस्ट में ओम का नियम क्या है, What is Ohms Law in Hindi, ओम के नियम की परिभाषा को जानते है.

ओम का नियम क्या है

Ohms Law in Hindi

ओम का नियम को भौतिक नियमो में महत्वपूर्ण नियम माना जाता है, क्युकी यह वस्तुओ के प्रतिरोधकता को दर्शाता है, जिसे ओमीय प्रतिरोध कहते है.

ओम का नियम विभवान्तर, धारा और प्रतिरोध के बीच के सम्बन्ध को दर्शाता है, जिसका उपयोग इलेक्ट्रिक के क्षेत्र में किया जाता है.

ओम का नियम का सूत्र

Ohms Law formula in Hindi

 

Ohms Law in Hindiओम का नियम का सूत्र है – V = IR

 

V – (Voltage – वोल्टेज – विभवान्तर) जिसकी इकाई यानि मात्रा Volt (V) है.

I – (Current – कर्रेंट – धारा) जिसकी इकाई यानि मात्रा Ampere (A) है.

R – (Resistance – रेजिस्टेंस –प्रतिरोध) जिसकी इकाई यानि मात्रा Ohm (Ω) है.

तो इस तरह ओम के नियम से वोल्टेज, धारा और प्रतिरोध का मान पता कर सकते है, जो इस प्रकार है –

यदि आपको विभवान्तर यानि Voltage का मान पता करना है तो इसके लिए Formula:- V=I×R है.

यदि आपको धारा यानि Current का मान पता करना है तो तो इसके लिए Formula:- I=V/R है.

यदि आपको प्रतिरोध यानि Resistance का मान पता करना है तो तो इसके लिए Formula:- R=V/I है.

नोट – और ये सभी नियम तभी लागू होता है, जब इनका मान स्थिर होता है. जिसे ओम के नियम का प्रतिपादन कहते है.

ओम के नियम का उपयोग

Ohms Law formula Use in Hindi

तो इस तरह ओम के नियम के जरिये वोल्टेज, धारा मान और विभवान्तर के मापने में किया जाता है, तो ओम के इस नियम से यह भी पता चलता है की यदि वोल्टेज को दो गुणा कर दिया जाय, तो निश्चित ही ओम के नियम के अनुसार करंट यानी धारा भी दोगुना बढ़ जायेगा. परन्तु प्रतिरोध का मान वही रहेगा.

तो ओम का नियम विद्युत् धारा, चालक के प्रतिरोध और वोल्टेज के मध्य सम्बन्ध को दिखाता है. जिसकी सहायता से आप करंट और वोल्टेज के उपयोग की नियंत्रित कर सकते है.

और अधिक जानने के लिए विजिट करे :- Wikipedia पर – ओम का नियम

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