पॉलिटेक्निक क्या है? पॉलिटेक्निक कैसे करे और इसकी तैयारी कैसे करे

आज हम आप सबको बताने वाले हैं, पॉलिटेक्निक क्या है (What Is Polytechnic Diploma Course In Hindi) और Polytechnic कैसे करें (How to do Polytechnic Diploma Course in Hindi)  आज हम इन सब चीजों को विस्तार से आपको बताने वाले हैं, तो सबसे पहले इस पर विचार कर लेते हैं, कि-

पॉलिटेक्निक क्या है? (What Is Polytechnic in Hindi)

तो अगर हम बात करें Polytechnic की तो Polytechnic एक कोर्स होता है, जो कि दसवीं और 12वीं इन दोनों के बाद ही हो जाता है, Polytechnic करने के भी दो तरीके हैं, एक तो Polytechnic आप सरकारी कॉलेज में से भी कर सकते हैं, अगर आप सरकारी कॉलेज से पॉलिटेक्निक करते हैं, तो आपको नौकरी मिलने में आसानी रहती है, तथा आपका खर्चा भी बहुत ही कम आता है, सरकारी कॉलेज से पॉलिटेक्निक करने के लिए आपको एंट्रेंस एग्जाम देना पड़ता है, उस एग्जाम मैं जो आपने 10वीं या 12वीं में पड़ा है सिर्फ वही आता है।

इसके अतिरिक्त पॉलिटेक्निक आप प्राइवेट कॉलेज में से भी कर सकते हैं, अगर आपका सरकारी कॉलेज का एंट्रेंस एग्जाम पास नहीं होता तो आप प्राइवेट कॉलेज में से भी पॉलिटेक्निक कर सकते हैं, पॉलिटेक्निक में भी अलग-अलग शाखाएं होती हैं, आप अपनी पसंद के अनुसार या फिर जिस फील्ड में आपका ज्यादा मन है, उस शाखा से आप पॉलिटेक्निक कर सकते हैं।

पॉलिटेक्निक का कोर्स अगर आप दसवीं के बाद कर रहे हैं, तो यह 3 साल का रहता है, ऐसे ही अगर 12वीं आपने नॉन मेडिकल से की है, तो पॉलिटेक्निक का कोर्स आपके लिए सिर्फ 2 साल का रह जाता है, अगर 12वीं आपने कॉमर्स या आर्ट्स से की है, तो दोस्तों आपको 3 साल का ही पॉलिटेक्निक का कोर्स करना पड़ेगा।

Polytechnic कैसे करे? (How to do Polytechnic Diploma Course in Hindi)

Polytechnic Kya Hai Polytechnic Kaise Kareपॉलिटेक्निक क्या होता है, यह बात ज्यादातर हर एक व्यक्ति जानता है, अगर आप पॉलिटेक्निक करना चाहते हैं, तो हम आपको बता दें पॉलिटेक्निक करने के लिए आपके पास दो विकल्प होते हैं, एक तो आप दसवीं के बाद भी पॉलिटेक्निक कोर्स कर सकते हैं, दूसरा यह की आप 12वीं के बाद भी यह कोर्स कर सकते हैं l

अगर आप दसवीं के बाद पॉलिटेक्निक कर रहे हैं, तो पॉलिटेक्निक करने के लिए आपके अंक कम से कम 50% होने बहुत जरूरी हैं, पॉलिटेक्निक के कोर्स करने के लिए या तो आप सीधा एडमिशन ले सकते हैं, किसी भी प्राइवेट पॉलिटेक्निक कॉलेज में तथा दूसरा तरीका यह है, अगर आप एंट्रेंस एग्जाम देते हैं, और इस एग्जाम में आपके मार्क्स अच्छे हैं, तो आपको सरकारी कॉलेज से पॉलिटेक्निक करने का अवसर मिल सकता है l

सरकारी कॉलेज का यह फायदा है, एक तो आप के पैसे बहुत कम लगते हैं, दूसरा आपको नौकरी आसानी से मिल जाती है, क्योंकि अक्सर सरकारी कॉलेजों में कंपनियां आती रहती हैं, और नए विद्यार्थियों को नौकरी का अवसर मिलता रहता है,

पॉलिटेक्निक के कोर्स (Polytechnic Course Branches)

पॉलिटेक्निक के कोर्स (Polytechnic Course Branches) इस प्रकार हैं –

  • Diploma in Mechanical Engineering (मैकेनिकल इंजीनियरिंग)
  • Diploma in Civil Engineering (सिविल इंजीनियरिंग)
  • Diploma in Electrical Engineering (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग)
  • Diploma in Chemical Engineering (केमिकल इंजीनियरिंग)
  • Diploma in Computer Science Engineering (कंप्यूटर साइंस)
  • Diploma in Electronics Telecommunication (इलेक्ट्रॉनिक्स टेलीकम्यूनिकेशन)
  • Diploma in Petroleum Engineering (पेट्रोलियम इंजीनियरिंग)
  • Diploma in Automobile Engineering (ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग)
  • Diploma in Mining Engineering (माइनिंग इंजीनियरिंग)
  • Diploma in Biotechnology Engineering (बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग)

Diploma in Mechanical Engineering (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) –

अगर आप मशीनों में रुचि रखते हैं, या फिर मशीनों को ठीक करने में रुचि रखते हैं, तो आप मैकेनिकल इंजीनियरिंग कर सकते हैं, अगर आप Diploma In Mechanical Engineering करते हैं, अगर आप मन लगाकर अपनी 3 साल की पढ़ाई करेंगे और जो कुछ भी प्रैक्टिकल नॉलेज आपको दी जाएगी, वह आपको अच्छे से समझना है,

तथा जब आपसे कॉलेज में वर्कशॉप मैं काम के बारे में बताया जाएगा तथा आपको यह सिखाया जाएगा कि काम कैसे करना है, वह आपको बहुत ही अच्छे से समझना होगा, अगर आप अपने कॉलेज में यह सब अच्छे से समझ जाते हैं, तो यह सोच लीजिए कि आपको एक अच्छी कंपनी में बहुत ही आसानी से नौकरी मिल सकती है, दोस्तों अब आपको अच्छे से समझ आ गया होगा, कि Diploma In Mechanical Engineering( मैकेनिकल इंजीनियरिंग )  क्या होता है।

Diploma in Civil Engineering (सिविल इंजीनियरिंग)

अगर आप रुचि रखते हैं, तो हम आपको बता दें सिविल इंजीनियरिंग के अंतर्गत सड़के बनाना, घर बनाना, बृज बनाना, कोई भी बिल्डिंग बनाना यह सब सिविल इंजीनियरिंग एक हिस्सा है, सड़क पर कोई भी कार्य हो रहा है, या फिर बाजार में कोई भी बिल्डिंग बन रही है, वह हर एक चीज सिविल इंजीनियरिंग ( Diploma In Civil Engineering ) का हिस्सा है।

Diploma in Electrical Engineering (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग)

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग भी पॉलिटेक्निक की एक शाखा है, इसमें इलेक्ट्रिसिटी की टेक्नोलॉजी के बारे में बताया जाता है जो भी इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करता है, वह छात्र इलेक्ट्रिसिटी के कॉम्पोनेंट डिवाइस और सिस्टम का अध्ययन करते हैं, अगर हम शुद्ध भाषा में कहें, तो वह इंजीनियर जो इलेक्ट्रिसिटी से संबंधित उपकरणों को ठीक करने का कार्य करता है, उसे हम इलेक्ट्रिकल इंजीनियर कहते हैं।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में विद्यार्थी अलग-अलग तरह के इलेक्ट्रिसिटी से संबंधित चीजों  का अविष्कार करना सीख सकते हैं, एक छोटा सा Microphone हो, या फिर Ac Motor वह सब इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग( Diploma In Electrical Engineering ) का एक हिस्सा हैं।

Diploma in Chemical Engineering (केमिकल इंजीनियरिंग)

अगर आप केमिकल इंजीनियरिंग करना चाहते हैं, तो हम आपको बता दें की एक केमिकल इंजीनियर का काम केमिकल प्रोडक्ट्स बनाने के लिए और केमिकल प्लांट में इक्विपमेंट की डिजाइनिंग, सुपरविजन तथा ऑपरेशन से संबंधित कार्य करने होते हैं, अक्सर केमिकल इंजीनियर एक नए ड्रग्स की खोज करने के लिए बायोटेक कंपनियों में रिसर्च का कार्य करते हैं, इसके अलावा केमिकल इंजीनियर पेट्रोलियम रिफाइनरी, कॉस्मेटिक तथा मिनरल इंडस्ट्री में भी काम करते दिखाई देते हैं।

Diploma in Computer Science Engineering (कंप्यूटर साइंस)

जो लोग Diploma in Computer Science Engineering (कंप्यूटर साइंस) ब्रांच से डिप्लोमा करना चाहते हैं तो हम बता दें कि कंप्यूटर साइंस के छात्र कंप्यूटर मैं प्रोग्रामिंग और नेटवर्किंग के बारे में अध्ययन करते हैं, कंप्यूटर साइंस में यह सिखाते हैं, की छात्र कंप्यूटर को कैसे Develop कर सकते हैं, तथा इसमें आप कंप्यूटर प्रोग्राम को डिजाइन करना सीख सकते हैं, कंप्यूटर साइंस में आपको कंप्यूटर के बारे में हर एक सूचना दी जाती है।

Diploma in Electronics Telecommunication (इलेक्ट्रॉनिक्स टेलीकम्यूनिकेशन)

इलेक्ट्रॉनिक्स टेलीकम्युनिकेशन ( Diploma In Electronic Telecommunication )पॉलिटेक्निक की वह शाखा है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस उपकरणों और कम्युनिकेशन उपकरणों जैसे कि ट्रांसमीटर रिसीवर इंटीग्रेटेड सर्किट के बारे में पढ़ाया जाता है, इंजीनियरिंग में आपको Basic इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल ट्रांसमिशन तथा Data Reception, Antenna , Satellite Communication के बारे में भी विस्तार से बताया जाता है।

Diploma in Petroleum Engineering (पेट्रोलियम इंजीनियरिंग)

पैट्रोलियम इंजीनियरिंग पॉलिटेक्निक की वह शाखा है जिसमें आपको पेट्रोलियम से संबंधित जानकारी दी जाती है पेट्रोल कैसे बनता है तथा पेट्रोल निकलने के बाद पेट्रोल की Purification कैसे की जाती है यह सब बातें आपको Petroleum Engineering में बताई जाती हैं।

Diploma in Automobile Engineering (ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग)

ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग मैं आपको गाड़ियों से संबंधित तथा बाइक से संबंधित आपको जानकारी दी जाती है, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में आपको इंजन के बारे में जानकारी दी जाती है, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के छात्रों को यह सिखाया जाता है, कि वह कार तथा बाइक या किसी भी वाहन में कैसे बदलाव कर सकते हैं, अगर इंजन में कोई प्रॉब्लम आ जाती है, तो वह कैसे सही कर सकते है ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग (Diploma In Automobile Engineering ) में आपको इंजन कि हर एक चीज की जानकारी दी जाती है।

Diploma in Mining Engineering (माइनिंग इंजीनियरिंग)

माइनिंग कि फील्ड को मिनरल्स फील्ड भी कहा जाता है, माइनिंग का मतलब होता है खुदाई,  Mining Engineering  में उन तकनीक और तरीकों की पढ़ाई की जाती है, जिनसे कई धातुओं को अयस्क खनन के जरिए इकट्ठा किया जा सकता है, इसमें धातु न्यूक्लियर मेटेरियल , कोयला,  सीमेंट, चूना पत्थर, मार्बल्स, नॉन मैटेलिक और भी कई तरह की धातु शामिल होती है, माइनिंग इंजीनियर के छात्रों को वह सब कुछ सिखाया जाता है, की वैज्ञानिक तरीकों तथा टेक्नोलॉजी से कैसे वह माइनिंग को Develop कर सकते हैं।

Diploma in Biotechnology Engineering (बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग)

 अगर आप बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग करना चाहते हैं, तो हम आपको बता दें बायोटेक्नोलॉजी दो शब्द से मिलकर बना है, बायो मतलब जीवित प्रणाली और टेक्नोलॉजी का मतलब है तकनीक इसका मतलब यह है, कि जीवित प्रणालियों पर तकनीक का प्रयोग करना, किसी विशेष उत्पादों को विकसित करना और बनाने के लिए जीवित प्रणालियों और जीवो का इस्तेमाल किया जाता है, इसे हम बायोटेक्नोलॉजी कहते हैं।

Polytechnic Ke Baad B.Tech Kaise Kare (How to do B.Tech after Polytechnic)

अगर आप पॉलिटेक्निक के बाद बीटेक करना चाहते हैं, तो हम आपको बता दें कि अगर आप पॉलिटेक्निक के बाद बीटेक करते हैं, तो आपको बीटेक सिर्फ 3 साल की ही करनी पड़ेगी, तथा पॉलिटेक्निक के बाद बीटेक करना आपके लिए बहुत ही आसान हो जाता है, क्योंकि बेसिक नॉलेज आपको पहले से ही होती है।

इसके लिए आप किसी भी बीटेक कॉलेज में एडमिशन ले सकते हैं, तथा अपने डिप्लोमा की मार्कशीट आपको उस कॉलेज में दिखानी पड़ेगी अगर आप किसी भी पेपर में फेल है, तो आपको बीटेक में एडमिशन नहीं मिलेगा, दोस्तों मैं आपको एक बात और बता दें कि जरूरी नहीं है, कि यदि आपने पॉलिटेक्निक का कोर्स किसी प्राइवेट कॉलेज से किया है,

तो आप बी टेक भी किसी प्राइवेट कॉलेज से ही करें आप पॉलिटेक्निक करने के बाद बीटेक का Entrance Exam भी दे सकते है यदि आप इस Entrance Exam में उस दिन हो जाते हैं, तो आपको Government collage भी आसानी से मिल जाते हैं, वहां पर Fees भी कम होती है, और नौकरी लगने के चांसेस भी ज्यादा होते हैं

पॉलिटेक्निक के बाद जॉब (Job Options after Polytechnic In Hindi)

 अगर आप पॉलिटेक्निक करने की सोच रहे हैं और आप यह सोच रहे हैं, कि पॉलिटेक्निक के बाद जॉब (Job Options after Polytechnic) तो दोस्तों मैं आपको बता दूं की नौकरी निर्भर करती है आपके ऊपर अगर आप पॉलिटेक्निक में मन लगाकर पढ़ाई करेंगे, अर्थात जो आपको सिखाया जाएगा, वह आप अच्छे से सीखते हैं, तो ही आपको एक अच्छी नौकरी मिल सकती है,

अगर आप चाहते हैं, कि पॉलिटेक्निक के बाद आप एक अच्छी नौकरी करें, तो आपके लिए अच्छा यही होगा कि आप 3 साल मन लगाकर पढ़ाई करें, तथा एक एक चीज पर ध्यान दें, जो कुछ भी आपको सिखाया जाता है।

पॉलिटेक्निक कोर्स करने के बाद आप किसी भी कंपनी में आवेदन दे सकते हैं, इसके साथ-साथ यदि आप सरकारी नौकरी करना चाहते हैं तो उसके लिए भी बड़ी आसानी से आवेदन दे सकते हैं।

 Polytechnic Ke Fayde (Advantage of Polytechnic Course in Hindi)

दोस्तों अगर आप सोच रहे हैं की पॉलिटेक्निक के फायदे (Advantage Of Polytechnic Course) तो यह निर्भर करता है, आपके ऊपर अगर आप मेहनत और लगन से पॉलिटेक्निक की पढ़ाई पूरी करते हैं, तो आपको पॉलिटेक्निक के फायदे मिलेंगे अगर आप अपनी पढ़ाई मन लगाकर नहीं करेंगे, तो आपको पॉलिटेक्निक के नुकसान मिलेंगे, तो दोस्तों यह तो आपके ऊपर निर्भर करता है, हम आपको पॉलिटेक्निक के कुछ फायदे बता रहे हैं जैसे कि :-

पॉलिटेक्निक का एक मुख्य फायदा तो यही है कि आप इस कोर्स को दसवीं कक्षा या 12वीं कक्षा दोनों के बाद कर सकते हैं।

जिस ब्रांच से भी आप यह कोर्स कर रहे हैं, उसकी आपको प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है जिसके पश्चात आप आसानी से इस पोस्ट के बाद नौकरी करने में सक्षम हो जाते हैं।

यदि आप पॉलिटेक्निक का कोर्स सही ढंग से कर लेते हैं तो आपको नौकरी मिलने में बिल्कुल भी परेशानी नहीं होती, शुरुआत में आपको आसानी से नौकरी मिल जाती है।

यदि आप पॉलिटेक्निक के बाद B.tech करना चाहते हैं तो आपको डायरेक्ट 2nd Year में एडमिशन मिल जाता है।

पॉलिटेक्निक कोर्स करने के बाद आप जूनियर इंजीनियर बन जाते हैं और आप किसी भी कंपनी में जूनियर इंजीनियर के पद के लिए आवेदन दे सकते हैं इसके साथ-साथ आप सरकारी नौकरियों के लिए भी आवेदन दे सकते हैं जैसे कि लोको पायलट (Loko Pilot), कोस्ट गार्ड ( Coast Guard )

पॉलिटेक्निक के बाद वेतन? Salary After Polytechnic

यदि आप जानना चाहते हैं कि पॉलिटेक्निक कोर्स करने के बाद आपको कितनी सैलरी मिल सकती हैं तो हम आपको बता दें कि सैलरी निर्भर करती है आपके ऊपर जिस हिसाब से आपको नॉलेज होगी उसी हिसाब से आप को सैलरी भी दी जाएगी।

परंतु शुरुआत में आपको ₹10000 से ₹15000 की नौकरी आसानी से मिल सकती है और यदि आपका अनुभव अच्छा है और पॉलिटेक्निक कोर्स के साथ-साथ आपने ऑटोकैड का कोर्स किया हुआ है और आपको ऑटोकैड का अच्छा एक्सपीरियंस है तो आप को बड़ी आसानी से ₹20000 की नौकरी भी मिल सकती है।

हम आशा करते हैं, कि आपको हमारी यह पोस्ट Polytechnic Kaise Kare बहुत अच्छी लगी होगी, हमने आपको पॉलिटेक्निक के बारे में सब कुछ बताने की पूरी कोशिश की है, जैसे कि Polytechnic Ke Fayde, Polytechnic Ke Baad Btech Kaise Kare,  हमारे द्वारा दी गई है, जानकारी आपके लिए बहुत ही लाभदायक सिद्ध होगी कृपया करके कमेंट सेक्शन में कमेंट करके जरूर बताना, कि आपको हमारी यह पोस्ट कैसी लगी धन्यवाद….

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