न्यूटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का सिद्धान्त | Newtons Law of gravitation in Hindi

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Newton’s Law of gravitation – न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम जिसे सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का सिद्धान्त भी कहा जाता है, इस नियम के अनुसार पृथ्वी अपनी ओर वस्तुओ को खिचती है, भौतिक वैज्ञानिक न्यूटन अपने विख्यात खोजो के लिए जाने जाते है. तो चलिए न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम, Newton’s Law of gravitation, Newtons law of gravity को जानते है.

न्यूटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम

Newton’s Law of gravitation in Hindi

इस ब्रह्माण्ड में उपस्थित दो कणों के बीच कार्य करने वाले पारस्परिक आकर्षण को गुरुत्वाकर्षण (Gravitation) तथा उससे जो बल उत्पन्न होता है, उस बल को गुरुत्वाकर्षण बल (Force of Gravitation) कहा जाता है, न्यूटन द्वारा बताये गुए इस नियम को न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम (Law of Gravitation) या न्यूटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का सिद्धान्त कहा जाता है.

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम की खोज

Newton’s Law of gravitation invention in Hindi

Newton's law of gravity in Hindi

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम की खोज भी बहुत ही दिलचस्प है, एकबार की बात है, बचपन में न्यूटन जब एक दिन अपने बगीचे में खेल रहे थे तो उस बगीचे में एक सेव का पेड़ था, तो न्यूटन ने देखा की एक सेव पेड़ से टूटकर सीधा जमीन की तरफ ही गिरा, तो न्यूटन सोचने लगे की सेव पेड़ से टूटकर आकाश की तरफ भी जा सकता था, लेकिन जमीन की तरफ ही क्यों आया, इसका मलतब इस पृथ्वी पर ऐसा कोई बल कार्यरत है, जो वस्तुओ को अपनी ओर खिचती है, फिर आगे चलकर न्यूटन ने अपने जिज्ञासा के बल पर गुरुत्वाकर्षण नियम की खोज किया.

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम का सूत्र

Newton’s Law of gravitation Formula in Hindi

Newton's Law of gravitation in Hindiन्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम के अनुसार दो पिंडो के मध्य लगने वाले आकर्षण बल का मान  पिंडो के द्रव्यमान और उनके बीच की दुरी पर निर्भर करता है.

यानि दो पिंडो के मध्य लगने वाले आकर्षण बल का मान दोनों पिंडो के द्रव्यमान के गुणनफल के समानुपाती जबकि दोनों पिंडो के मध्य दुरी के व्युत्क्रमानुपाती होता है.

इसे इस तरह समझ सकते है.

F @ m1 m2

यहा F आकर्षण बल, जबकि m1 और m2 दो अलग अलग पिंड है, तो यहा पर दो पिंडो के मध्य लगने वाले आकर्षण बल का मान दोनों पिंडो के द्रव्यमान के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती होगा.

जबकि F @ 1/r2

यहा F आकर्षण बल, जबकि m1 और m2 दो अलग अलग पिंड है, तो यहा पर दो पिंडो के मध्य लगने वाले आकर्षण बल का मान दोनों पिंडो के मध्य दुरी के व्युत्क्रमानुपाती होगा.

यदि इन दोनों समीकरणों के एक साथ रखा जाय तो न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम का सूत्र होगा –

F = m1 m2 / r2

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम का उदहारण सहित व्याख्या  

Newton’s Law of gravitation Example in Hindi

न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम को अगर उदहारण के साथ समझना चाहते है, तो हम इसे प्रकार समझ सकते है.

जैसा की हम सभी जानते है, हमारी तुलना में पृथ्वी बहुत बड़ी है, और द्रव्यमान भी बहुत ज्यादा है, जिस कारण इसी Gravity के कारण कोई भी पृथ्वी से ऊपर फेकी जाती है, तो फिर वापस पृथ्वी पर ही लौट आती है, इसे साधारण तरीके से समझे तो यदि हम हवा में उछलते है, तो पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण वापस पृथ्वी पर चले आते है, लेकिन इस बल इतना कम होता है की हम इसे महसूस भी नही कर पाते है.

और यदि हम पृथ्वी से एक निश्चित ऊपर वायुमंडल में चले जाये, जहा गुरुत्वाकर्षण का बल का मान शून्य हो जाये तो हम वापस पृथ्वी पर नही आकर वायुमंडल में लटकते रह जायेगे. जिस कारण से अन्तरिक्ष यात्री को बाहरी स्पेस में तैरते हुए दिखाई देते है.

तो इस तरह आप सभी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम, Newton’s Law of gravitation, Newton’s law of gravity को समझ गये होंगे.

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