HomeScienceआधुनिक आवर्त सारणी का नियम | Modern Periodic Law in Hindi

आधुनिक आवर्त सारणी का नियम | Modern Periodic Law in Hindi


आज के इस पोस्ट के जरिये जानेगे की ब्रिटिश वैज्ञानिक मोसले (Mosley) द्वारा निर्धारित आधुनिक आवर्त नियम | Modern Periodic Law in Hindi क्या है. तथा साथ मे आधुनिक आवर्त सारणी की उपलब्धियाँ और आधुनिक आवर्त सारणी के गुण और दोष (Explanation of Modern Periodic Table in Hindi) को भी जानेगे।

आधुनिक आवर्त सारणी का नियम

Modern Periodic Law in Hindi

Modern Periodic Law in Hindiआधुनिक आवर्त नियम (Modern Periodic Law in Hindi ): परमाणु संरचना के अध्ययन के संदर्भ में ब्रिटिश वैज्ञानिक मोसले (Mosley) ने 1913 ई० में तत्वों के एक नए विशिष्ट गुण की खोज की। इसका नाम उन्होंने परमाणु संख्या (Atomic Number) दिया। उन्होंने बताया कि किसी तत्व की परमाणु संख्या उस तत्व के एक परमाणु में उपस्थित प्रोटॉनों या इलेक्ट्रॉनों की संख्या के समान होती है। किसी तत्व के लिए परमाणु संख्या का मान स्थिर होता है। किन्हीं दो तत्वों की परमाणु संख्या एक नहीं होती है।

अतः परमाणु संख्या ही किसी तत्व का मौलिक गुण है न कि परमाणु द्रव्यमान। अतः मैंडलीफ के पश्चात् परमाणु संख्या को आधार मानकर तत्वों के वर्गीकरण के प्रयास किए गए। आधुनिक आवर्त नियम परमाणु संख्या पर ही आधारित है। आधुनिक आवर्त नियम के अनुसार- तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुण उनकी परमाणु संख्या के आवत फलन होते हैं। आधुनिक आवर्त नियम के प्रतिपादन से मैंडलीफ की आवर्त सारणी के अधिकांश दोष दूर हो जाते हैं। इलेक्ट्रॉनिक विन्यास तत्वों के आधुनिक आवर्ती वर्गीकरण का मूल आधार है।

आधुनिक आवर्त सारणी में 7 क्षैतिज कतारें (अर्थात् आवर्त) तथा 18 उदग्र स्तम्भ (अर्थात् वर्ग) हैं, प्रत्येक आवर्त का प्रथम सदस्य क्षार धातु तथा अंतिम सदस्य कोई निष्क्रिय गैस (Inert gas) होता है। पहले आवर्त का प्रथम सदस्य सिर्फ हाइड्रोजन (H) है।

परमाणु संख्या 58 से लेकर 71 तक तथा 90 से लेकर 103 तक वाले तत्वों की आवर्त सारणी के नीचे अलग-अलग कतारों में शेष तत्व रखा गया है।

आधुनिक आवर्त की विशेषताएं

Features of the Modern Period in Hindi

  1. आवर्त सारणी के किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर तत्व का धातुई गुण कम होता जाता है तथा अधातुई गुण में वृद्धि होती है।
  2. आवर्त सारणी के किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर तत्व की रासायनिक क्रियाशीलता घटती है और बाद में बढ़ती है।
  3. किसी आवर्त में तत्वों की संयोजकता 1 से बढ़कर 4 हो जाती है, तथा उसके बाद घटते-घटते शून्य हो जाती है।
  4. किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या 1 से बढ़कर 8 हो जाती है।
  5. आवर्त सारणी में किसी आवर्त में इलेक्ट्रॉन-प्रीति का मान बाएँ से दाएँ जाने पर प्रायः बढ़ता है।
  6. आवर्त सारणी के किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर विद्युत् ऋणात्मकता का मान क्रमशः बढ़ता जाता है।
  7. आवर्त सारणी के किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर आयनन विभव का मान बढ़ता है।
  8. आवर्त सारणी के किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर परमाणु आकार या परमाणु त्रिज्या घटता है।
  9. आवर्त सारणी के किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर तत्वों के ऑक्साइडों के भास्मिक गुण (Basic Nature) क्रमशः घटते जाते हैं।

आधुनिक आवर्त सारणी के वर्ग की विशेषताएँ

Characteristics of the class of the modern periodic table in Hindi

  1. आवर्त सारणी के किसी वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर तत्व के धातुई गुण में वृद्धि होती है।
  2. धातुओं के वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर धातुओं की क्रियाशीलता बढ़ती है, जबकि अधातुओं के वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर अधातुओं की रासायनिक क्रियाशीलता घटती है।
  3. 3. किसी एक वर्ग के तत्वों की संयोजकता समान होती है।
  4. किसी एक वर्ग के सभी तत्वों में संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है।
  5. आवर्त सारणी के किसी वर्ग में इलेक्ट्रॉन प्रीति का मान ऊपर से नीचे आने पर घटता है।
  6. आवर्त सारणी के किसी वर्ग में ऊपर से नीचे आने पर विद्युत् ऋणात्मकता का मान प्रायः घटता जाता है।
  7. आवर्त सारणी के किसी वर्ग में ऊपर से नीचे आने पर आयनन विभव का मान घटता है।
  8. आवर्त सारणी के किसी वर्ग में ऊपर से नीचे आने पर परमाणु का आकार या परमाणु की त्रिज्या का मान बढ़ता है।

तत्वों से संबंधित प्रमुख जानकारी

कुल ज्ञात तत्व 118
प्रकृति में प्राप्य तत्व 98
कृत्रिम तरीके से निर्मित तत्व 20
धातु तत्वों की संख्या 91
अधातु तत्वों की संख्या 27
पृथ्वी पर सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व ऑक्सीजन
पृथ्वी पर सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला धातु तत्व ऐलुमिनियम
सबसे हल्का तत्व हाइड्रोजन
सबसे भारी तत्व अस्मियम
सबसे हल्का धातु तत्व लीथियम
द्रव धातु तत्व पारा
द्रव अधातु तत्व ब्रोमीन
विद्युत् का सबसे अच्छा सुचालक तत्व चाँदी
विद्युत् का सुचालक अधातु ग्रेफाइट
सबसे अधिक आघातवर्धनीय तत्व सोना
सबसे अधिक क्रियाशील अधातु तत्व फ्लोरीन
सबसे अधिक क्रियाशील धातु तत्व सीजियम
सर्वाधिक आयनन विभव वाला तत्व हीलियम
न्यूनतम आयनन विभव वाला तत्व सीजियम
सर्वाधिक इलेक्ट्रॉनिक प्राप्ति वाला तत्व क्लोरीन
सर्वाधिक विद्युत् ऋणात्मक तत्व फ्लोरीन
सबसे प्रबल ऑक्सीकारक पदार्थ फ्लोरीन
सर्वाधिक गैसीय तत्वों वाला वर्ग शून्य वर्ग
एक परमाण्विक तत्व अक्रिय गैसें
मानव शरीर में सर्वाधिक मात्रा में पाये जाने वाला तत्व ऑक्सीजन
मिट्टी के तेल में रखा जाने वाला तत्व सोडियम
हड्डियों एवं दांतों का निर्माण करने वाला प्रमुख तत्व कैल्सियम

मैंडलीफ की आवर्त सारणी और आधुनिक आवर्त सारणी में अंतर

Difference between Mendeleev’s Periodic Table and Modern Periodic Table in Hindi

मैंडलीफ की आवर्त सारणी आधुनिक आवर्त सारणी
1. मैंडलीफ की आवर्त सारणी में तत्वों को उनके परमाणु भार के बढ़ते क्रम में सजाकर तैयार किया गया है। 1. आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों को उनके परमाणु संख्या के बढ़ते क्रम में सजाकर तैयार किया गया है।
2. इसमें कुल 9 वर्ग हैं। 2. इसमें कुल 18 वर्ग हैं।
3. इस आवर्त सारणी में धातु एवं अधातु तत्वों के बीच स्पष्ट विभाजन रेखा नहीं है। 3. इस आवर्त सारणी में धातु एवं अधातु तत्वों के स्थान अलग-अलग हैं एवं इनके बीच स्पष्ट विभाजन रेखा खीची जा सकती है ।
4. इस आवर्त सारणी में सामान्य तत्व एवं संक्रमण तत्व अलग-अलग नहीं प्रदर्शित किए गए हैं। 4. इस आवर्त सारणी में सामान्य तत्व एवं संक्रमण तत्व अलग-अलग प्रदर्शित किए गए हैं।
5. आवर्त सारणी तैयार करते समय मैंडलीफ को तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास की जानकारी नहीं थी। अतः इस आवर्त सारणी में तत्वों की सजावट का आधार इलेक्ट्रॉनिक विन्यास नहीं है। 5. आधुनिक आवर्त सारणी (दीर्घ रूप) का निर्माण तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के आधार पर किया गया है ।

 

तो आपको यह पोस्ट आधुनिक आवर्त नियम | Modern Periodic Law in Hindi क्या है. तथा साथ मे आधुनिक आवर्त सारणी की उपलब्धियाँ और आधुनिक आवर्त सारणी के गुण और दोष (Explanation of Modern Periodic Table in Hindi) कैसा लगा कमेंट मे जरूर बताए और इस पोस्ट को लोगो के साथ शेयर भी जरूर करे..

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