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तत्वों के आवर्त वर्गीकरण क्या है – Periodic Classification of Elements in Hindi

अगर आप 10 वी विज्ञान (10th Science) के छात्र है तो आज के इस पोस्ट मे कक्षा 10 विज्ञान NCERT Science बुक के जरिये जानेगे की Periodic Classification of Elements in Hindi तत्वों के आवर्त वर्गीकरण क्या है? तो चलिये Periodic Classification of Elements को जानते है।

तत्वों के आवर्त वर्गीकरण क्या है

(Periodic Classification of Elements in Hindi)

Periodic Classification of Elements in Hindiजैसे की आप सभी जानते है की तत्व कई प्रकार के होते है, उन्हे उनके गुणो के आधार पर उन्हे अलग अलग वर्ग मे रखा जाता है, तो ऐसे मे किसी मौलिक गुण को आधार बनाकर की गई पदार्थों की ऐसी व्यवस्था जिसमें निश्चित अंतराल के बाद समान गुण वाले पदार्थ पुनः उपस्थित हों, आवर्ती व्यवस्था या आवर्ती वर्गीकरण कहलाती है। तत्वों के वर्गीकरण का मुख्य उद्देश्य समान गुणों वाले तत्वों को एक वर्ग में रखकर रसायनशास्त्र के अध्ययन को सरल, सुविधाजनक, सुस्पष्ट एवं क्रमबद्ध बनाना है। जिन्हे तत्वों के आवर्त वर्गीकरण (Periodic Classification of Elements) कहते है,

तो चलिये इन तत्वों के आवर्त वर्गीकरण (Periodic Classification of Elements in Hindi) के बारे मे विस्तार से जानते है –

  • सन् 1800 तक केवल 30 तत्वों का पता चला था। इन सभी तत्वों की संभवतः भिन्न-भिन्न विशेषताएँ थीं।
  • जैसे-जैसे विभिन्न तत्वों की खोज हो रही थी, वैज्ञानिक इन तत्वों के गुणधर्मों के बारे में अधिक से अधिक जानकारी एकत्र करने लगे।
  • सबसे पहले, ज्ञात तत्वों को धातु एवं अधातु में वर्गीकृत किया गया। जैसे-जैसे तत्वों एवं उनके गुणधर्मों के बारे में हमारा ज्ञान बढ़ता गया, वैसे-वैसे उन्हें वर्गीकृत करने के प्रयास किए गए।
  • सन् 1817 में जर्मन रसायनज्ञ, वुल्फगांग डॉबेराइनर ने समान गुणधर्मों वाले तत्वों को समूहों में व्यवस्थित करने का प्रयास किया। उन्होंने तीन-तीन तत्व वाले कुछ समूहों को चुना एवं उन समूहों को त्रिक कहा |
  • डॉबेराइनर ने बताया कि त्रिक के तीनों तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान के आरोही क्रम में रखने पर बीच वाले तत्व का परमाणु द्रव्यमान, अन्य दो तत्वों के परमाणु द्रव्यमान का लगभग औसत होता है। उदाहरण के लिए लिथियम (Li) सोडियम (Na) एवं पोटैशियम (K) है |
  • डॉबेराइनर की त्रिक में तत्वों के वर्गीकरण की यह पद्धति सफल नहीं रही क्योंकि उस समय तक ज्ञात तत्वों में केवल तीन त्रिक ही ज्ञात कर सके थे।
  • डॉबेराइनर ने ही सबसे पहले प्लैटिनम को उत्प्रेरक के रूप में पहचाना तथा समान त्रिक की खोज की जिससे तत्वों की आवर्त सारणी का विकास हुआ।
  • सन् 1866 में अंग्रेज़ वैज्ञानिक जॉन न्यूलैंड्स ने ज्ञात तत्वों को परमाणु द्रव्यमान के आरोही क्रम में व्यवस्थित किया। उन्होंने सबसे कम परमाणु द्रव्यमान वाले तत्व हाइड्रोजन से आरंभ किया तथा 56वें तत्व थोरियम पर इसे समाप्त किया.
  • न्यूलैंड्स का अष्टक नियम: “प्रत्येक आठवें तत्व का गुणधर्म पहले तत्व के गुणधर्म के समान हैं |
  • न्यूलैंड्स के अष्टक में लीथियम एवं सोडियम के गुणधर्म समान थे। सोडियम, लीथियम के बाद आठवाँ तत्व है। इसी तरह बेरिलियम एवं मैग्नीशियम में अधिक समानता है।
  • ऐसा देखा गया कि अष्टक का सिद्धांत केवल कैल्सियम तक ही लागू होता था, क्योंकि कैल्सियम के बाद प्रत्येक आठवें तत्व का गुणधर्म पहले तत्व से नहीं मिलता।
  • न्यूलैंड्स ने कल्पना की कि प्रकृति में केवल 56 तत्व विद्यमान हैं तथा भविष्य में कोई अन्य तत्व नहीं मिलेगा। लेकिन, बाद में कई नए तत्व पाए गए जिनके गुणधर्म, अष्टक सिद्धांत से मेल नहीं खाते थे।
  • अपनी सारणी में इन तत्वों को समंजित करने के लिए न्यूलैंड्स ने दो तत्वों को एक साथ रख दिया और कुछ असमान तत्वों को एक स्थान में रख दिया।
  • इस प्रकार, न्यूलैंड्स अष्टक सिद्धांत केवल हल्के तत्वों के लिए ही ठीक से लागू हो पाया।
  • तत्वों के वर्गीकरण का मुख्य श्रेय रूसी रसायनज्ञ डमित्राी इवानोविच मेन्डेलीफ को जाता है। तत्वों की आवर्त सारणी के प्रारंभिक विकास में उनका प्रमुख योगदान रहा। उन्होंने अपनी सारणी में तत्वों को उनके मूल गुणधर्म, परमाणु द्रव्यमान तथा रासायनिक गुणधर्मों में समानता के आधार पर व्यवस्थित किया।
  • जब मेन्डेलीफ ने अपना कार्य आरंभ किया तब तक 63 तत्व ज्ञात थे। उन्होंने तत्वों के परमाणु द्रव्यमान एवं उनके भौतिक तथा रासायनिक गुणधर्मों के बीच संबंधों का अध्ययन किया |
  • रासायनिक गुणधर्मों के अंतर्गत मेन्डेलीफ ने तत्वों के ऑक्सीजन एवं हाइड्रोजन के साथ बनने वाले यौगिकों पर अपना ध्यान केन्द्रित किया। उन्होंने ऑक्सीजन एवं हाइड्रोजन का इसलिए चुनाव किया क्योंकि ये अत्यंत सक्रिय हैं तथा अधिकांश तत्वों के साथ यौगिक बनाते हैं। तत्व से बनने वाले हाइड्राइड एवं ऑक्साइड के सूत्र को तत्वों के वर्गीकरण के लिए मूलभूत गुणधर्म माना गया।

तत्वों के आवर्त वर्गीकरण क्या है इससे जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर

(Periodic Classification of Elements in Hindi Question and Answer in Hindi_

NCERT Solutions for Class 10 Science Chapter Periodic Classification of Elements in Hindi तत्वों के आवर्त वर्गीकरण क्या है इससे जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर Periodic Classification of Elements Question and Answer in Hindi को जानते है

Q 1. क्या डॉबेराइनर के त्रिक, न्यूलैंड्स के अष्टक के स्तंभ में भी पाए जाते हैं? तुलना करके पता कीजिए।
उत्तर :
हाँ , त्रिक न्यूलैंड्स के अष्टक के स्तंभ में भी मिलते है | उदहारण :- Li , Na व K |

Q 2. डॉबेराइनर के वर्गीकरण की क्या सीमाएँ हैं?
उत्तर : 
 डॉबेराइनर केवल तीन तत्वों के त्रिक को उस समय पहचान सके एवं सभी तत्वों का वर्गोंकरण उनके त्रिक के अनुसार नहीं हो सका |

Q 3. न्यूलैंड्स के अष्टक सिद्धात की क्या सीमाएँ हैं?
उत्तर :
  न्यूलैंड्स का अष्टक  सिद्धात कैल्सियम तक केव परमाणु भर वाले तत्वों का वर्गोंकरण कर पाया |

Q 4. मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी का उपयोग कर निम्नलिखित तत्वों वेफ ऑक्साइड के सूत्र का अनुमान कीजिए: K,C,Al,Si,Ba |
उत्तर : 
K – K2O , O – O2 , Al – Al2O2 ,Si – SiO2 , Ba – BaO |

Q 5. गैलियम के अतिरिक्त, अब तक कौन-कौन से तत्वों का पता चला है जिसके लिए मेन्डेलीफ ने अपनी आवर्त सारणी में खाली स्थान छोड़ दिया था? दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर : 
स्कैंडियम व जर्मेनियम |

Q 6. मेन्डेलीफ ने अपनी आवर्त सारणी तैयार करने के लिए कौन सा मापदंड अपनाया?
उत्तर : 
 मेन्डेलीफ ने तत्वों को उनके परमाणु के अनुसार अलग किया | उनहोंने एक समान गुणों वाले तत्वों को एक समूह में रखने का प्रयास किया |

Q 7. आपके अनुसार उत्कृष्ट गैसों को अलग समूह में क्यों रखा गया?
उत्तर :
 उत्कृष्ट गैसों अक्रियाशील होती है अत: अलग वर्ग में रखा गया |

Q 8. आधुनिक आवर्त सारणी द्वारा किस प्रकार से मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी की विविध विसंगतियों को दूर किया गया?
उत्तर :

  1. आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों को उनके परमाणु क्रमांकों के अनुसार अलग किया गया | हाइड्रोजन को प्रथम समूह में स्थान दिया गया |
  2. आवर्त सारणी में तत्वों की सिथति से उनकी रासायनिक  अभिक्रियाशीलता का पता चलता है |
  3. तत्वों को उनके भार के अनुसार भारी व हल्के अलग-अलग क्रम में रखा गया |

Q 9. मैग्नीशियम की तरह रासायनिक अभिक्रियाशीलता दिखाने वाले दो तत्वों के नाम लिखिए? आपके चयन का क्या आधर है?
उत्तर :
 बैरीलियम (Be) तथा  कैल्सियम (Ca) दोनों ही मैग्नीशियम की तरह  अभिक्रियाशीलता दर्शाते है | दोनों के ही बाह्य किश में 2 संयोजी इलेक्ट्रॉन होते है |Be(2,2) तथा Ca(2,8,8,2)|

Q 10. इनके नाम बताइएः
(a) तीन तत्वों जिनके सबसे बाहरी कोश में एक इलेक्ट्रॉन उपस्थित हो।
(b) दो तत्वों जिनके सबसे बाहरी कोश में दो इलेक्ट्रॉन उपस्थित हों।
(c)तीन तत्वों जिनका बाहरी कोश पूर्ण हो।

उत्तर :
(a) लिथियम (Li) , सोडियम (Na) , पोटैशियम (K) |
(b) मैग्नीशियम (Mg) ,  कैल्सियम (Ca) |
(c)  निऑन (Ne) , आर्गन (Ar) , क्रिप्टोंन (Kr) |

Q 11.
(a) लीथियम, सोडियम, पोटैशियम, ये सभी धातुएँ जल से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं। क्या इन तत्वों के परमाणुओं में कोई समानता है?
(b) हीलियम एक अक्रियाशील गैस है जबकि निऑन की अभिक्रियाशीलता अत्यंत कम है। इनके परमाणुओं में कोई समानता है?

उत्तर :
(a) ‘ हाँ ‘ इन तत्वों के परमाणुओं में समानता है | इनके बाह्यतम कोष में केवल 1 इलेक्ट्रॉन है | इनकी संयोजकताएँ भी समान है |
(b) ‘ हाँ ‘ इनमें भी समानता है |  दोनों संयोजकता  ‘ o ‘ है तथा इनके बाह्यतम कोश पूर्ण है |

Q 12. आधुनिक आवर्त सारणी में पहले दस तत्वों में कौन सी धातुएँ हैं?
उत्तर :
 लिथियम एवं बेरीलियम धातुएँ है |

Q 13. आवर्त सारणी में इनके स्थान के आधार पर इनमें से किस तत्व में सबसे अधिक धात्विक अभिलक्षण की विशेषता है?
Ga , Ge , As , Se , Be |
उत्तर :
 Be |

Q 14. आवर्त सारणी में बाईं से दाईं ओर जाने पर, प्रवृत्तियों के बारे में कौन सा कथन असत्य है?
(a) तत्वों की धात्विक प्रकृति घटती है।
(b) संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ जाती है।
(c) परमाणु आसानी से इलेक्ट्रॉन का त्याग करते हैं।
(d) इनके ऑक्साइड अधिक अम्लीय हो जाते हैं।

उत्तर : (c) परमाणु आसानी से इलेक्ट्रॉन का त्याग करते हैं।

Q 15. तत्व X, XCl2 सूत्र का वाला एक क्लोराइड बनाता है जो एक ठोस है तथा जिसका गलनांक अधिक है। आवर्त सारणी में यह तत्व संभवतः किस समूह के अंतर्गत होगा?
(a) NA
(b) Mg
(c) Al
(d) Si

उत्तर : (b) Mg |

Q 16. किस तत्व में

(a)दो कोश हैं तथा दोनों इलेक्ट्रॉनों से पूरित हैं?
(b) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 2 है?
(c) कुछ तीन कोश हैं तथा संयोजकता कोश में चार इलेक्ट्रॉन हैं?
(d) कुछ दो कोश हैं तथा संयोजकता कोश में तीन इलेक्ट्रॉन हैं?
(e) दूसरे कोश में पहले कोश से दोगुने इलेक्ट्रॉन हैैं?

उत्तर :
(a) निऑन (Ne)
(b) मैग्नीशियम (Mg)
(c) सिलिकॉन (Si)
(d) बोरॉन (B)
(e) कार्बन (C)

Q 17.
(a) आवर्त सारणी में बोरान के स्तंभ के सभी तत्वों के कौन से गुणधर्म समान हैं?
(b) आवर्त सारणी में फलुओरीन के स्तंभ के सभी तत्वों के कौन से गुणधर्म समान हैं?

उत्तर :
(a) सामान गुणधर्म :- 

  1. सभी तत्व धातुएँ है |
  2. ऊपर से नीचे जाने पर आकर एवं धात्विक गुण बढता जाता है |
  3. सभी विघुत के सुचालक होते है |

(b) सामान गुणधर्म :- 

  1. सभी तत्व अधातुएँ है तथा संयोजकता 7 होती है |
  2. सभी विघुत के कुचालक है |

Q 18. एक परमाणु का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 7 है।
(a) इस तत्व की परमाणु-संख्या क्या है?
(b) निम्न में किस तत्व के साथ इसकी रासायनिक समानता होगी? ;परमाणु-संख्या कोष्ठक में दी गई है |
N(7) , F(9) , P(15) , Ar(18) 

उत्तर :
(a) इसकी परमाणु संख्या 17 है |
(b) F(9) – 2,7 के साथ रासायनिक गुणों में समानता होगी |

Q 19. आवर्त सारणी में तीन तत्व । A, B तथा C की स्थिति निम्न प्रकार है:
समूह 16          समूह 17
—                 —

    —                  A

    —                  —

    B                   C

अब बताइए कि:
(a) धातु है या अधातु।
(b)की अपेक्षा  अधिक अभिक्रियाशील है या कम?
(c) का साइज़  से बड़ा होगा या छोटा?
(d) किस प्रकार आयन, धनायन या ऋणायन बनाएगा?

उत्तर :
(a) A- अधातु है |
(b) C कम क्रियाशील है |
(c) C का आकार B से छोटा है
(d) तत्व A ऋणायन बनायेगा |

Q 20. नाइट्रोजन (परमाणु-संख्या7)तथा परमाणु-संख्या 15के आवर्त सारणी के समूह 15 के तत्व हैं। इन दोनों तत्वों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए। इनमें से कौन सा तत्व अधिक ऋण विद्युत होगा और क्यों?

उत्तर : नाइट्रोजन की परमाणु संख्या 7 (2,5) है अत: यह अधिक विद्युत ऋणात्मक होगा | फॉस्फोरस और नाइट्रोजन दोनों ही अधातुएँ है परन्तु फॉस्फोरस 15 (2,8,5) नाइटोजन से नीचे की ओर आता है और इस प्रकार ऋणात्मक घटती है.|

Q 21. तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास का आधुनिक आवर्त सारणी में तत्व की स्थिति से क्या संबंध है?

उत्तर : तत्वों का उनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के अनुसार वर्गोंकरण किया गया है | किसी तत्व की बाह्यतम कोश में उपसिथत इलेक्ट्रॉन से उसकी संयोजकता पता चलती है तथा कोशों की कुल संख्या उसकी आवर्त संख्या होत |

Q 22. आधुनिक आवर्त सारणी में कैल्सियम (परमाणु-संख्या 20) चारों ओर 12, 19 21 तथा 38 परमाणु-संख्या वाले तत्व स्थित हैं। इनमें से किन तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्म कैल्सियम के समान हैं?

उत्तर : आवर्त सारणी में C(20) के चारों ओर 12,19,21 व 38 परमाणु संख्या वाले तत्व है| इनमें से परमाणु संख्या 21 (2,8,9,2) तथा परमाणु संख्या 38 (2,8,18,2) वाले तत्वों के रासायनिक व भौतिक गुणधर्म सामान होंगे |

Q 23. आधुनिक आवर्त सारणी एवं मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी में तत्वों की व्यवस्था की तुलना कीजिए।

उत्तर :
आधुनिक आवर्त सारणी :-

  1. यह परमाणु संख्या के अनुसार क्रमित है |
  2. इसमें 18 वर्ग है |
  3. इनमें अक्रिय गैसों को 18वें वर्ग में रखा गया है |

मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी :-

  1. यह परमाणु द्रव्यमान पर आधारित है |
  2. इसमें 8 समूह है |
  3. इनमें अक्रिय गैसों को कोई स्थान नहीं मिला है.
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