Psychologist Kaise Bane – Psychologist Banne Ke Liye Qualification

आज हम बात करेंगे की Psychologist Kaise Bane क्या आप लोगो ने कभी सोचा है कि व्यक्ति सोचते कैसे है, या फिर अलग-अलग परिस्थितियों में उनका व्यवहार बदल कैसे जाता है, ऐसा क्यों होता है कि ज्यादातर लोगों को अजनबि लोगो से बात करना बहुत कठिन लगता है, ऐसा क्यों की “मतिभ्रम”, “अचेतन मन” जैसे शब्द आपको अधिक उत्तेजित करते है और यदि आप भी मनोविज्ञान (Psychology) फील्ड को एक अच्छे करियर के रूप में देख रहे है, तो आप एक दम सही पोस्ट पढ़ रहें है। आज के बदलते जीवनकाल और बहुत सी ऐसी कुछ महत्वकांछाओं  के कारण लोगों के जीवन में तनाव अधिक बढ़ता ही जा रहा है, जिससे छुटकारा लेने के लिए हमें Psychologist की सहायता लेनी पड़ती है।

Psychology में मरीज का इलाज दवाइयों का सेवन किये बिना, सोच में काफी तरह के बदलाव लाकर किया जाता है। आज हम हमारी इस पोस्ट के द्वारा आपको Psychology Kya Hai और Psychologist Kya Hai इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे है। अगर आप भी जानना चाहते है की  Psychology Ka Matlab Kya Hota Hai और Psychologist Kaise Bante Hain तो आप हमारी इस पोस्ट को आखिर तक पढ़ते रहिएगा तभी आपको इन सब सवालों के जवाब अच्छे से मिल पाएंगे।

Psychology Ka Meaning Kya Hota Hai

Psychologist Kaise Bane Psychologist Banne Ke Liye Qualificationमनोविज्ञान ( Psychology ) आमतौर पर मन का विज्ञान भी कहा जाता है। मनोविज्ञान में चेतन और अचेतन घटनाओं की पढ़ाई के साथ-साथ भावना तथा विचार भी शामिल होते है। इसमें व्यक्ति का स्वभाव तथा जीवन के विषय में रोचक तथ्य आदि काफी चीज़े शामिल होती है।

मानव व्यवहार के विषय में आधुनिक विज्ञान सर्वप्रथम जर्मनी में शुरू किया गया था और इसके बाद यह विश्व युद्ध के दौरान सभी राज्य तक पहुँच गया। हमारे भारत देश में मनोविज्ञान ( Psychologist ) लगभग आज से 70 साल पहले आया था, और तभी से ही हमारे भारत में मनोवैज्ञानिकों (Psychologist ) ने मनोविज्ञान ( Psychology ) को एक अलग ही अनुशासन के रूप में पहचान दिलवाने के लिए बहुत ही कड़ी मेहनत की है।

Psychologist Kya Hai – What Is Psychologist In Hindi

Psychology के क्षेत्र में काम करने वाले लोगो या फिर एक पेशेवर व्यवसायी को सायकोलॉजिस्ट ( Psychologist ) कहा जाता है। सायकोलॉजिस्ट हमारे व्यक्तिगत व सामाजिक जीवन या व्यवहार में सभी मानसिक कार्यों की भूमिका को समझने का पूरा प्रयास करते है, और इसके अतिरिक्त वह ज्ञान से संबंधित सभी कामों और लोगों के व्यवहारों को समझने वाली शारीरिक प्रक्रियाओं और जैविक प्रक्रियाओं की खोज भी करते हैं।

Famous Psychologists And Their Contributions

हमारे भारत देश में साइकोलॉजी (Psychology) के क्षेत्र में विकास का श्रेय सिर्फ नीचे बताएं गए, इन सायकोलॉजिस्ट ( Psychologist ) को ही जाता है:

Gunmodian david boaz (31 March 1908 – 8 July 1965)

पहले भारतीय मनोवैज्ञानिक गनमूडियन डेविड बोअज़ थे, और इन्होंने सन् 1935 में ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय ( Oxford University ) से P.H.D और स्कॉट क्रिश्चियन कॉलेज से ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की। इन्हीं के द्वारा भारत में पहले मनोविज्ञान विभाग ( Psychology Department ) की स्थापना सन् 1943 में मद्रास विश्वविद्यालय ( Madras University ) में नोबेल पुरस्कार विजेता ( Nobble Award Winner ) सर सी वी रमन ( CV Raman ) की मदद से की गयी थी। Boaj 27 सितंबर 1943 को इस साइकोलॉजि डिपार्टमेंट का हिस्सा बने, और 27 October 1943 को यहां के Senior Lecturer बने थे। भारत को मनोविज्ञान ( Psychology )के क्षेत्र में सफलता दिलाने में बहुत अधिक श्रेय सिर्फ गनमूडियन डेविड बोअज़ को ही जाता है।

Narender Nath Sen Gupta (23 December 1889 – 13 June 1944)

Narender Nath Sen हार्वर्ड विश्वविद्यालय ( Harvard University ) से शिक्षित एक भारतीय मनोवैज्ञानिक ( Psychologist ), Philosopher, और Professor थे। इन्हे भारत के साइंटिस्ट गनमूडियन डेविड बोअज़ ( Gunmodian david boaz ) के साथ भारत में आधुनिक साइकोलॉजी के संस्थापक के रूप में भी जाना जाता है।

इन्होंने सन् 1923 में भारतीय विज्ञान कांग्रेस एसोसिएशन (Indian Science Congress Association )के साइकोलॉजी और Science Study Department की स्थापना में भी काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सेन गुप्ता इंडियन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन ( Indian Psychological Association )के मुख्य संस्थापक और भारत में सबसे पहली आधिकारिक मनोविज्ञान पत्रिका “इंडियन जर्नल ऑफ साइकॉलॉजी” ( Indian Journal of Psychology )के Editor और मुख्य संस्थापक भी थे।

Narayana Murthy (1924-2011)

Narayana Murthy हमारे भारत देश के Psychologist, Writer, Philosopher, संस्कृत के विद्वान और एक अच्छे शिक्षक होने के साथ वह बैंगलोर में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका साइंस संस्थान (NIMHANS) में Clinical Psychology डिपार्टमेंट के प्रमुख थे। इन्हे भारत में Clinical NeuroPsychology और Behavioral therapy की शुरुआत करने का भी श्रेय दिया जाता हैं। इसके अतिरिक्त इन्होंने क्लिनिकल साइकोलॉजि के द्वारा Mental Disorder को दर्शाने के लिए भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। दर्शन और साइकोलॉजि में अपना महत्वपूर्ण श्रेय देने के लिए ही इन्हे Best Scholar के “भाभा मेमोरियल गोल्ड मेडल” ( Bhabha Memorial Gold Medal ) के द्वारा सम्मानित भी किया गया है।

Aashish Nandi

Aashish Nandi एक Indian Political और क्लिनिकल साइकोलॉजी तथा Social Theorist और आलोचक है। इन्होंने European Colonialism, डेवलपमेंट, Modernity, धर्मनिरपेक्षता, Science, टेक्नोलॉजी, परमाणुवाद आदि की Theoretical Review प्रदान किए है। इसके अतिरिक्त इन्होंने भारत देश के Commercial Cinema और हिंसा की रूपरेखा की पेशकश भी की है।

नंदी को 2007 में फुकुओका एशियाई संस्कृति पुरस्कार ( Fukuoka Asian Culture Award ) से भी सम्मानित किया जा चुका है, और सन 2008 में “द कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस” ( The Carnegie Endowment for International Peace ) के द्वारा प्रकाशित Foreign Policy Magazine के महत्वपूर्ण 100 Public Intellectuals की लिस्ट में भी स्थान प्राप्त कर चुके है।

Psychologist Kaise Bane In Hindi

अगर आप यह जानना चाहते है, कि Psychologist Kaise Bane  तो आपकी मदद करने के लिए Psychologist Banne Ke Liye Kya Kare यह नीचे दर्शाया गया है:

अगर आप स्कूल के 1 विद्यार्थी हैं, और भविष्य में साइकोलॉजिस्ट बनना चाहते है, तो आप विद्यालय में 12वीं कक्षा में किसी भी विषय को चुन सकते है। वैसे काफी विद्यालयों में साइकोलॉजी को अपने सभी पाठ्यक्रम में शामिल कर दिया गया है, और अगर आप एक साइकोलॉजिस्ट बनना चाहते है, तो आप किसी भी Stream के साथ साइकोलॉजि का अध्ययन करके इसके बारे में बेसिक नॉलेज ले सकते है। लेकिन स्कूल स्तर पर यह सब्जेक्ट पढ़ना इतना ज्यादा ज़रुरी भी नहीं है।

स्नातक (B.A. / B.Sc)

Psychology में अपना अच्छा करियर बनाने के लिए आप UGC के द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी अच्छे संस्थान से Psychology में स्नातक की डिग्री हासिल कर सकते है। ग्रेजुएशन लेवल पर आपको मनोविज्ञान से संबंधित सभी विषय जैसे- सामान्य मनोविज्ञान, क्लिनिकल मनोविज्ञान, सामाजिक मनोविज्ञान, तथा विकास मनोविज्ञान आदि के बारे मैं पढ़ाया जाता है,

जो आपको किसी एक निश्चित विषय में रुचि लेने में सहायता भी करता है। इसमें तीन सालों की पढ़ाई के दौरान सबसे ज्यादा Theoretical सब्जेक्ट ही होते है, तथा सामान्यतः Graduation In Psychology होने के पश्चात भी नौकरी के ज्यादा मौके नहीं होते है।

Psychologist Banne Ke Liye ग्रेजुएशन की डिग्री प्रदान करने वाले कुछ मुख्य कॉलेज हम आपको नीचे बता रहे है:

  • दिल्ली विश्वविद्यालय ( Delhi University ) (नई दिल्ली)
  • जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia ) (नई दिल्ली)
  • अंबेडकर विश्वविद्यालय ( Ambedkar University ) (नई दिल्ली)
  • पंजाब यूनिवर्सिटी ( Punjab University ) (चंडीगढ़)
  • बनारस हिंदू विश्वविद्यालय ( Banaras Hindu University ) (वाराणसी)
  • अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ( Aligarh Muslim University ) ( Aligarh )
  • फर्ग्यूसन कॉलेज ( Ferguson College ) (पुणे)
  • क्राइस्ट यूनिवर्सिटी ( Christ University ) (बैंगलोर)

Post Graduation –

साइकोलॉजि में ग्रेजुएशन लेवल की पढ़ाई पूरी कर लेने के पश्चात आप Post Graduation In Psychology की डिग्री भी प्राप्त कर सकते है। यदि आप  साइकोलॉजि में पोस्ट ग्रेजुएशन करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको पहले प्रवेश परीक्षा पास करनी होती है, और  ग्रेजुएशन में भी कम से कम 55% अंक होना बहुत आवश्यक है, तभी आप प्रवेश परीक्षा में बैठ पाएंगे।

अगर आपने मनोविज्ञान में ग्रेजुएशन नहीं किया है, तो भी आप Postgraduate के लिए आवेदन कर सकते है। परंतु आपको पोस्ट ग्रेजुएशन में प्रवेश सिर्फ परीक्षा पास होने के पश्चात ही मिल पाएगा। पोस्ट ग्रेजुएशन के लेवल पर, आप अपनी पसंद तथा विशेषज्ञता के हिसाब से सभी सब्जेक्ट को चुन सकते है।

अगर आप साइकोलॉजि में अपना अच्छा भविष्य बनाना चाहते है, तो पोस्ट ग्रेजुएशन करना भी बहुत आवश्यक है। पीएचडी करने के बाद विद्यार्थियों को अपनी रुचि के साइकोलॉजी फील्ड में साइकोलॉजि शोध पत्र लिखने का अवसर मिलता है।

इसके साथ-साथ ही विद्यार्थी लगभग 2-3 महीनों तक की अपनी इंटर्नशिप को कंप्लीट करते है। साइकोलॉजी के पश्चात इंटर्नशिप सायकोलॉजिस्ट के जीवन का एक बहुत ही इंपॉर्टेंट समय होता है, जहां पर आप Specialist की निगरानी में काम करते है और सीखते भी है। जिससे आपको अपनी किल और नॉलेज को बढ़ाने में सहायता मिलती है।

Psychologist Banne Ke Liye पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री देने वाले कुछ मुख्य कॉलेज हम आपको नीचे बता रहे है:

  • दिल्ली विश्वविद्यालय ( Delhi University )
  • टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज ( Tata Institute of Social Sciences ) (मुंबई)
  • अम्बेडकर विश्वविद्यालय ( Ambedkar University ) (दिल्ली)
  • अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ( Aligarh Muslim University ) (उत्तर प्रदेश)
  • जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय (नई दिल्ली)
  • पंजाब विश्वविद्यालय ( Chandigarh University ) (चंडीगढ़)
  • बनारस हिंदू विश्वविद्यालय ( Banaras Hindu University ) (उत्तर प्रदेश)
  • गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ( Gautam Budh University ) (उत्तर प्रदेश)

Psychologist Ke Karya – Psychologist Jobs In Hindi

मनोविज्ञान की पढ़ाई पूरी करने के बाद आप एक मनोवैज्ञानिक के रूप में कार्य कर सकते हैं, हम आपको नीचे कुछ क्षेत्रों के नाम बता रहे हैं, जहां आप साइकोलॉजी करने के पश्चात कार्य कर सकते हैं:

Clinical Psychology

क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट का मुख्य काम मनोवैज्ञानिक समस्याओं वाले व्यक्तियों का उपचार करना होता है। यह उन व्यक्तियों के लिए एक चिकित्सक के रूप में काम करते है जो आमतौर पर मनोवैज्ञानिक संकटों जैसे कोई व्यक्ति दुख का अनुभव कर रहा है या अन्य किसी पुराने मनोरोग से वह पीड़ित है। कुछ क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट नॉर्मल चिकित्सक की तरह ही होते है।

Consultation Psychology

कंसल्टेशन साइकोलॉजि भी क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट के जैसे ही कार्य करते है। परामर्श साइकोलॉजी गंभीर मनोवैज्ञानिक विकारों से पीड़ित लोगो के बजाय कम परेशानियों वाले लोगो पर अधिक ध्यान केंद्रित करते है। कंसल्टेशन साइकोलॉजिस्ट को Educational Site, कॉलेज कंसल्टेशन केंद्रों, सामुदायिक मानसिक हेल्थ सेंटर्स आदि में भी नियुक्त किया जाता है।

Sports Psychology

खेल साइकोलॉजि एथलेटिक प्रदर्शन तथा सुधार करने में सहायता करते है, तथा यह साइकोलॉजिक हेल्थ पर व्यायाम तथा शारीरिक गतिविधि के सभी प्रकार के प्रभावों को भी देखते है। वैसे तो स्पोर्ट्स साइकोलॉजी खेल टीमों के लिए सलाहकार के रूप में भी काम करते है।

Educational Psychology

एजुकेशनल साइकोलॉजी मैं हम शिक्षा के बुनियादी पहलुओं को सीखने तथा उन्हें समझने की प्रक्रिया को बढ़ाने का भी प्रयास करते है। एजुकेशनल साइकोलॉजिस्ट को वैसे तो शिक्षा के विभागों ( साइकोलॉजी डिपार्टमेंट ) में सभी  कॉलेजेस और यूनिवर्सिटी के अंतर्गत यह नियुक्त किया जाता है।

यह सभी क्षेत्र जिनके बारे में हमें आपको बताया है यह सभी बहुत ही प्रचलित क्षेत्र हैं इन सभी क्षेत्रों के अतिरिक्त भी साइकोलॉजी की पढ़ाई को करने के पश्चात हम  सामाजिक कार्य, एजेंसी तथा औद्योगिक साइकोलॉजि आदि काफी क्षेत्रों में अपना करियर बनाया जा सकता है।

Psychologist Ki Salary Kitni Hoti Hai  – Psychologist Salary

यदि हम बात करें कि साइकोलॉजिस्ट की तनख्वाह कितनी होती है, तो हम आपको बता दें कि तनख्वाह तो आपके अनुभव के ऊपर निर्भर करती हैं इसके अतिरिक्त यदि आपको काफी अच्छा अनुभव है, मनोविज्ञान के बारे में तो शुरुआत मैं आपको PHD In Psychology करने के पश्चात ₹150000 से लेकर ₹200000 तक तनख्वाह मिल सकती है,

इसके अतिरिक्त धीरे-धीरे आपकी तनख्वाह बढ़ती जाती है, तथा जैसे जैसे आप प्रसिद्ध हो जाते हैं, तो ऐसे ही आपकी तनख्वाह भी काफी अधिक बढ़ जाती है, एक साइकोलॉजिस्ट प्रसिद्ध होने के पश्चात 5 लाख रुपए हर महीना भी बड़ी आसानी से कमा सकता है।

Conclusion –

इस पोस्ट के माध्यम से आज हमने यह जाना कि

  • Psychologist Kya Hota Hai
  • Psychologist Kaise Bane
  • How To Become Psychologist In Hindi
  • Psychologist Banne Ke Liye Kya Kare
  • Psychologist Banne Ke Liye Qualification
  • Eligibility For Psychologist
  • Psychology Kya Hai
  • Psychologist Ki Salary Kitni Hoti Hai
  • Psychologist Kya Karte Hai

आशा है कि आपको यह सब बहुत ही अच्छे से समझ आ गया होगा, यदि अब भी कोई ऐसा सवाल है, जिसका आपको जवाब ना मिला हो, तो वह आप हमसे कमेंट सेक्शन के माध्यम से पूछ सकते हैं.

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